15) मसीह का दूसरा आगमन
धन्य आशा: यीशु फिर आएगा!
यीशु का दूसरा आगमन मसीही कलीसिया की “धन्य आशा” कहलाता है। इस पाठ में हम मसीह की महिमामय वापसी की प्रतिज्ञाओं और संकेतों का अध्ययन करेंगे।
लौटने की प्रतिज्ञा
क्या यीशु ने लौटने की प्रतिज्ञा की?
यीशु के स्वर्गारोहण के बाद स्वर्गदूतों ने क्या कहा?
“प्रभु का आगमन हर युग में उसके सच्चे अनुयायियों की आशा रहा है।” — स्थानीय अनुवाद/पैराफ्रेज़; स्रोत: Ellen G. White, O Grande Conflito, GC 302.2
यीशु कैसे आएगा
क्या यीशु का आगमन दृश्यमान होगा?
यीशु का आगमन कैसा होगा?
क्या यीशु अकेला आएगा?
आगमन के संकेत
क्या यीशु ने अपने आगमन के संकेत दिए?
कौन-सा संकेत यीशु के आगमन से ठीक पहले होगा?
“भविष्यवाणी न केवल मसीह के आगमन की रीति और उद्देश्य की भविष्यवाणी करती है, बल्कि ऐसे संकेत भी देती है जिनसे लोग जान सकें कि वह निकट है।” — स्थानीय अनुवाद/पैराफ्रेज़; स्रोत: Ellen G. White, O Grande Conflito, GC 304.1
आगमन के लिए तैयारी
क्या कोई यीशु के आगमन का दिन और घड़ी जानता है?
हमें यीशु के आगमन की प्रतीक्षा कैसे करनी चाहिए?
जब यीशु आएगा, तब उद्धार पाए लोग उसे कैसे ग्रहण करेंगे?
और अब?
यीशु का आगमन निश्चित है:
- यीशु ने प्रतिज्ञा की: वह फिर आएगा
- यह दृश्यमान होगा: हर आँख उसे देखेगी
- संकेत होंगे: हम समय को समझ सकते हैं
- हमें तैयार रहना चाहिए: कोई दिन नहीं जानता
मेरा निर्णय
मैं यीशु की इस प्रतिज्ञा पर विश्वास करता/करती हूँ कि वह फिर आएगा। मैं उसके आगमन के लिए तैयार रहना चाहता/चाहती हूँ, हर दिन उसके प्रति विश्वासयोग्य जीवन जीकर। मैं उसके महिमामय प्रकट होने की धन्य आशा की खुशी से प्रतीक्षा करता/करती हूँ।