4) परमेश्वर पवित्र आत्मा
पवित्र आत्मा दिव्य व्यक्तित्व है, केवल शक्ति या ऊर्जा नहीं
बहुत लोग पवित्र आत्मा को केवल शक्ति, प्रभाव या आध्यात्मिक ऊर्जा समझते हैं। पर बाइबल पवित्र आत्मा को दिव्य व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत करती है: वह बोलता है, सिखाता है, अगुवाई करता है, दुखित होता है, और उद्धार में कार्य करता है।
पवित्र आत्मा व्यक्तित्व है
प्रेरितों 13:2 में पवित्र आत्मा ने क्या कहा?
निर्जीव शक्ति “मेरे लिये” नहीं कहती, न बुलाती और न भेजती है। पवित्र आत्मा बोलता और कलीसिया को मार्ग दिखाता है।
क्या पवित्र आत्मा दुखित हो सकता है?
दुखित होना व्यक्तित्व का गुण है। पवित्र आत्मा को दुखित करना किसी अज्ञात ऊर्जा को नहीं, बल्कि प्रेम करने वाले दिव्य व्यक्तित्व को ठुकराना है।
क्या पवित्र आत्मा की इच्छा है?
पवित्र आत्मा निर्णय करता, बाँटता और अगुवाई करता है। यह अचेतन ऊर्जा की भाषा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व की भाषा है।
पवित्र आत्मा परमेश्वर है
पतरस के अनुसार हनन्याह ने किससे झूठ बोला?
पतरस पहले कहता है कि हनन्याह ने पवित्र आत्मा से झूठ बोला, फिर कहता है कि उसने मनुष्यों से नहीं, परमेश्वर से झूठ बोला। पाठ पवित्र आत्मा को परमेश्वर से जोड़ता है।
1 कुरिन्थियों 2:10-11 के अनुसार पवित्र आत्मा क्या जानता है?
परमेश्वर की गहराइयों को जानना किसी सीमित प्राणी का गुण नहीं। पवित्र आत्मा दिव्य है।
“बुराई सदियों से जमा होती गई थी, और उसे केवल पवित्र आत्मा, ईश्वरत्व के तीसरे व्यक्तित्व, की महान शक्ति से रोका और प्रतिरोध किया जा सकता था।” — स्थानीय अनुवाद/पैराफ्रेज़; स्रोत: Ellen G. White, Testimonies to Ministers and Gospel Workers, p. 392, par. 2.
पवित्र आत्मा का कार्य
यूहन्ना 16:8 के अनुसार पवित्र आत्मा क्या करता है?
आत्मा मसीह से अलग अपना मार्ग नहीं बनाता। वह दोषी ठहराता, सत्य में ले जाता और मसीह की महिमा करता है।
यीशु देह में कैसे जन्मा?
पवित्र आत्मा देहधारण, नए जन्म, और विश्वासियों के पवित्रीकरण में कार्य करता है। उसका काम उद्धार की योजना में केंद्रीय है।
पवित्र आत्मा विश्वासी में क्या करता है?
विश्वासी अपनी शक्ति पर नहीं छोड़ा गया। पवित्र आत्मा हमें नया जीवन और जीवित आज्ञाकारिता देता है।
“पवित्र आत्मा मसीह का प्रतिनिधि है, पर मनुष्यत्व के व्यक्तित्व से मुक्त और उससे स्वतंत्र है।” — स्थानीय अनुवाद; स्रोत: Ellen G. White, The Desire of Ages, DA 669.1
पवित्र आत्मा के विरुद्ध पाप
पवित्र आत्मा के कार्य का लगातार विरोध करने का खतरा क्या है?
पवित्र आत्मा की निंदा एक पश्चाताप करने वाले व्यक्ति की एक बार की गलती नहीं, बल्कि आत्मा की आवाज़ को लगातार ठुकराना है।
अब क्या?
पवित्र आत्मा को दिव्य व्यक्तित्व के रूप में जानना हमारे जीवन को बदलता है:
- हम उसकी सुनते हैं: वह अगुवाई करता, दोषी ठहराता और सिखाता है।
- हम उसे दुखित नहीं करते: हमारे चुनाव संबंध को प्रभावित करते हैं।
- हम विजय के लिए उस पर निर्भर हैं: मसीही जीवन हमारी शक्ति से नहीं चलता।
- हम उसे ऊर्जा नहीं मानते: वह दिव्य व्यक्तित्व है, निर्जीव शक्ति नहीं।
मेरा निर्णय
मैं मानता हूँ कि पवित्र आत्मा दिव्य व्यक्तित्व है, केवल शक्ति या ऊर्जा नहीं। मैं उसकी आवाज़ सुनना, उसके दोषबोध को स्वीकार करना, और उसकी शक्ति से जीना चाहता हूँ।