5) तीन दिव्य व्यक्तित्व, एक परमेश्वर

मुख्य पाठ, उपमाओं की सीमा, और परमेश्वर की एकता का रहस्य

हमने देखा कि परमेश्वर एक है, और बाइबल पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा को दिव्य रूप से प्रस्तुत करती है। फिर भी यह तीन देवताओं की शिक्षा नहीं है। इस पाठ में हम देखते हैं कि बाइबल त्रिएक परमेश्वर को कार्य में कैसे प्रकट करती है।

मुख्य पाठ

यीशु ने किस नाम में बपतिस्मा देने की आज्ञा दी?

यीशु ने किस नाम में बपतिस्मा देने की आज्ञा दी?

यीशु ने “नाम” कहा, “नामों” नहीं। पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा एक दिव्य नाम में जुड़े हैं, क्योंकि परमेश्वर एक है।

यीशु के बपतिस्मा में पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा कैसे प्रकट हुए?

यीशु के बपतिस्मा में पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा कैसे प्रकट हुए?

यह पाठ स्पष्ट है: तीनों दिव्य व्यक्तित्व एक ही समय में अलग रूप से प्रकट होते हैं। इसलिए वे सिर्फ एक व्यक्ति के अलग मुखौटे नहीं हैं।

कौन-सी प्रेरितीय आशीष तीनों को साथ रखती है?

कौन-सी प्रेरितीय आशीष तीनों को साथ रखती है?

प्रारंभिक विश्वासियों ने पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के कार्य को आराधना और जीवन में अनुभव किया। यह केवल विचार नहीं, व्यावहारिक सत्य था।

एकता और भेद

क्या पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा वही एक व्यक्तित्व हैं?

क्या पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा वही एक व्यक्तित्व हैं?

यीशु पिता से प्रार्थना करता है और “एक और सहायक” भेजने का वादा करता है। यह भेद दिखाता है, पर तीन देवता नहीं सिखाता।

यीशु का कथन 'मैं और पिता एक हैं' क्या बताता है?

यीशु का कथन 'मैं और पिता एक हैं' क्या बताता है?

एकता व्यक्तिगत भेद को मिटाती नहीं। पिता और पुत्र दो देवता नहीं, बल्कि दिव्य स्वरूप में एक हैं।

“मसीह, वचन, परमेश्वर का एकलौता पुत्र, अनन्त पिता के साथ एक था — प्रकृति, चरित्र और उद्देश्य में एक।” — स्थानीय अनुवाद/पैराफ्रेज़; स्रोत: Ellen G. White, Patriarchs and Prophets, p. 34, par. 1.

उपमाएँ और उनकी सीमा

जल की तीन अवस्थाओं की उपमा क्यों पर्याप्त नहीं है?

जल की तीन अवस्थाओं की उपमा क्यों पर्याप्त नहीं है?

जल की उपमा यह गलत विचार दे सकती है कि परमेश्वर कभी पिता, कभी पुत्र, कभी आत्मा बनता है। पर यीशु के बपतिस्मा में पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा एक साथ प्रकट होते हैं।

कोई भी उपमा परमेश्वर को पूर्ण रूप से नहीं समझा सकती। हमें बाइबल का प्रकाशन नम्रता से स्वीकार करना चाहिए।

“बाइबल के रहस्य उसके विरुद्ध तर्क नहीं, बल्कि उसके दिव्य प्रेरणा के महान प्रमाणों में से हैं।” — स्थानीय अनुवाद/पैराफ्रेज़; स्रोत: Ellen G. White, Education, p. 170, par. 2.

रहस्य बना रहता है

क्या हम परमेश्वर की प्रकृति को पूरी तरह समझ सकते हैं?

क्या हम परमेश्वर की प्रकृति को पूरी तरह समझ सकते हैं?

त्रिएकता रहस्य है, इसलिए नहीं कि वह अविवेकपूर्ण है, बल्कि इसलिए कि परमेश्वर हमारी सीमित समझ से बड़ा है।

अब क्या?

त्रिएक परमेश्वर की शिक्षा के व्यावहारिक परिणाम हैं:

  • आराधना: हम एक परमेश्वर की आराधना करते हैं।
  • प्रार्थना: पिता से पुत्र के नाम में और आत्मा की अगुवाई में प्रार्थना करते हैं।
  • उद्धार: पिता ने योजना बनाई, पुत्र ने क्रूस पर उसे पूरा किया, आत्मा उसे हृदय में लागू करता है।
  • संगति: परमेश्वर अपने स्वरूप में प्रेम और संबंध का परमेश्वर है।

मेरा निर्णय

मैं त्रिएक परमेश्वर की बाइबिलीय शिक्षा स्वीकार करता हूँ: एक परमेश्वर, पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा में प्रकट। मैं इस रहस्य को पूरी तरह न समझते हुए भी बाइबल के प्रकाशन पर विश्वास करता हूँ।