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नई पृथ्वी: परमेश्वर द्वारा प्रतिज्ञात अंतिम पुनर्स्थापना

बाइबिलीय आशा परमेश्वर द्वारा सृष्टि की पुनर्स्थापना और पाप, मृत्यु और दुख हटाने पर समाप्त होती है।

मसीही आशा किसी अस्पष्ट और दूर अस्तित्व पर समाप्त नहीं होती। बाइबल नई पृथ्वी, सृष्टि की पुनर्स्थापना और परमेश्वर के साथ पूर्ण संगति की ओर संकेत करती है। दिव्य योजना रचे हुए संसार को छोड़ना नहीं, बल्कि उसे नया करना है।

यह बाइबल के आरंभ और अंत को जोड़ता है। जिसने रचा वही पुनः रचेगा। पाप ने सामंजस्य को तोड़ा, पर परमेश्वर के उद्देश्य को पराजित नहीं करेगा।

आशा ठोस है

नई पृथ्वी बहाल जीवन, न्याय, परमेश्वर की उपस्थिति और मृत्यु के अंत की बात करती है। यह केवल काव्यात्मक सांत्वना नहीं। यह प्रतिज्ञा है कि परमेश्वर उस सब को हटाएगा जो सृष्टि को नष्ट करता है।

यह आशा वर्तमान को बदलती है। जो अंतिम पुनर्स्थापना की प्रतीक्षा करता है, वह विश्वासयोग्यता, देखभाल और धीरज से जीना सीखता है।

परमेश्वर अपने लोगों के साथ वास करेगा

नई पृथ्वी का केंद्र केवल पीड़ा की अनुपस्थिति नहीं है। वह परमेश्वर की उपस्थिति है। पाप ने जिस संगति को तोड़ा, वह पूरी तरह बहाल होगी।

उद्धार संबंध में समाप्त होता है। परमेश्वर अपने लोगों के साथ, बिना पाप, भय या मृत्यु के।

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बाइबल सिखाती है अध्ययन नई पृथ्वी को सृष्टि, पतन, छुटकारे और पुनर्स्थापना की बाइबिलीय क्रम में प्रस्तुत करता है।

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बाइबल सिखाती है

बाइबल के अनुसार मसीही विश्वास की मूलभूत सच्चाइयों पर एक परिचयात्मक पाठ्यक्रम

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